अघोरी कोंन है, अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया क्या है. | अघोरी का इतिहास

Hello दोस्तों Speed इंडिया 24 आपका स्वागत करता है. इस आर्टिकल में हम अघोरियो के जीवन के बारे में जानकारी देने वाले है. हम हमेसा ऐसी जानकारी शेयर करने की कोशिश करते है. जो अभी internet पर उपलब्ध नहीं हो, या फिर internet पर उसकी सही जानकारी शेयर नहीं की गयी हो. हमने काफी website’s पर देखा की अघोरी साधुओ के बारे में सही जानकारी शेयर नहीं की गयी है. और अगर वो सही जानकारी शेयर कर भी रहे है, तो वो भी अधूरी जानकारी. हम हमेशा कोशिश करते है की आपको कम से कम words में सही जानकारी दी जाये. अब और बोर नहीं करते हुए शुरू करते है हमारे आज का आर्टिकल – अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया…. और अघोरिया का इतिहास

⇒ अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया का अनसुलझा रहस्य क्या है ?

अघोरी नाम सुनते ही ज्यादातर लोगो के मन में नकारात्मक विचार आने शुरू हो जाते है. ऐसा होना आम बात है क्योकि आज तक हमने जो भी सुना अघोरियों के बारे में वो सब बहुत बुरा है. इसलिए अघोरियों के प्रति हमारे मन में एक बुरी छवि बन गयी है. आज हम आपको अघोरियों के जीवन के बहुत नजदीक ले जाने वाले है. और बतायेंगे अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया का पूरा सच.

इस आर्टिकल में हम आपको क्या-क्या जानकारी देने वाले है ?

  • अघोरी कोन है ?
  • अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया क्या है ?
  • अघोरियों का इतिहास क्या है ?
  • अघोरियों से जुड़े रोचक तथ्य 

 अघोरी कोन है ?

मृत्यु यानि ज़िन्दगी का आखरी पड़ाव, ऐसा पड़ाव जहा आने के बाद दुनिया की सभी चीजे बेनाम हो जाती है. मगर ज़िन्दगी के इस आखरी पड़ाव पर कुछ लोग ऐसे भी है. जो मुर्दों को नोच कर उनमे ज़िन्दगी तलाशते है. उनके लिए इंसानी खोपड़ी शराब पिने का प्याला बन जाता है, और मुर्दा निवाला. श्मशान बिस्तर बन जाती है और चिता चादर. अघोरी उसे कहते है जो घोर नहीं हो यानि जो सरल और सहज हो. जिसके मन में कोई भेदभाव नहीं हो. अघोरी हर चीज में सम्मान भाव रखते है. 

जरा सोचिये वो मंजर क्या होगा की जब दुनिया सोती है, और वो जागते है. तो आज हम ऐसे लोगो की ज़िन्दगी से पर्दा उठाएंगे जो मुर्दों से ज़िदगी उधार लेते है और उनकी खुद की ज़िन्दगी कई सालो से रहस्य बनी हुई है.

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 अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया और इतिहास

आज हम बात कर रहे है शमसान की साधना में इंसानी चादरों को फेक देने वाले अघोरियो की. ये अघोरी भी इन्सान समाज का ही एक हिस्सा है. ये भारत के प्राचीन धर्म शिव यानि शिव साधना से सम्बंधित है. अघोरियो को इस संसार में भगवान शिव का जीवित रूप भी माना जाता है. शिवजी के पांच रूपों में से एक अघोर रूप भी है.

अघोरी हमेशा से ही लोगो की जिज्ञासा का एक विषय रहे है. अघोरियों का जीवन जितना कठिन है उतना ही रहस्यमयी भी है. अघोरियों की साधना और विधि सबसे रहस्यमयी है. उनकी खुद की अपनी शेली, अपना विधान और अपनी शिक्षा है. 

अघोरी सड़े जीव का मांस भी उतनी ही स्वाद से खाते है, जितना स्वादिष्ट पकवानों को लेकर खाया जाता है. अघोरियो की दुनिया ही नहीं उनकी हर बात निराली है. हम आपको अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया की कुछ ऐसी बाते बताने जा रहे है, जिनको पढ़कर आपको अहसास होगा की वे कितनी कठिन साधना करते है. और उन श्मशानो के बारे में भी बतायेंगे जहा अघोरी मुख्य रूप से साधना करते है.

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⇒ अघोरियों से जुड़े रोचक तथ्य 

बहुत कम लोग जानते है की अघोरियो की साधना में कितना दम होता है, की वो मुर्दे से भी बात कर सकते है. ये बाते पढ़ने में भलाई अजीब लगे लेकिन इन्हें पूरी तरह नकारा भी नही जा सकता. अघोरियो की साधना को कोई चुनोती नहीं दे सकता.

अघोरियों के बारे में बहुत सी बाते प्रशिद्ध है जेसे –

  • अघोरी बहुत अड़ियल होते है. अगर ये किसी बात पर अड़ जाए तो अपनी बात मनवाकर ही मानते है.
  • गुस्सा हो जाए तो किसी भी हद तक जा सकते है.
  • अधिकतर अघोरियो की आंखे लाल होती है. जेसे वो गुस्से में हो लेकिन उनका मन उतना ही शांत भी होता है.
  • अघोरी गाय के मांस को छोड़कर बाकी सभी चीजे खाते है. मानव मल से लेकर मुर्दे का मांस तक
  • अघोर पन्त में श्मशान साधना का अधिक महत्व है. इसलिए ये श्मशान में रहना ही ज्यादा पसंद करते है. (माना जाता है की श्मशान में साधना जल्दी पूरी होता है.)
  • आज भी ऐसे अघोरी मोजूद है जो परातात्विक शक्तियों को अपने बस में कर सकते है. ये सारी तंत्र क्रियाए श्मशान में ही होती है. और इस दुनिया में सिर्फ चार शमशान ही ऐसे है. जहा की गयी साधना जल्दी पूरी होती है. निचे हम आपको 2 सबसे महान श्मशानो के बारे में बतायेंगे.

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दुनिया के 2 सबसे महान श्मशान –

1 : तारापीठ – यह मंदिर पश्चिम बंगाल में स्थित है. यहाँ तारा देवी का मंदिर है. पुराणिक मान्यताओ के अनुसार यहाँ देवी शती के नेत्र गिरे थे. इस लिए इस स्थान को नयनतारा भी कहा जाता है. तारापीठ मंदिर श्मशान घाट के निकट स्थित है और इसे महान श्मशान घाट भी कहते है.

2 : कामाख्यपीठ – असम राज्य की राजधानी दिसपुर से 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित निलांचल अथवा निलसेल पर्वतमालाओ पर स्थित महाभागवती कामख्या का शीधक शक्तिपीठ शती के 51 शक्तिपिठो में सबसे सर्वोच्च स्थान रखता है. यही प्रकृति की महा मुद्रा यानि की योनिकुण्ड स्थित है. यह स्थान तांत्रिको के लिए स्वर्ग का स्थान है.


दोस्तों अघोरियो के बारे में जितना लिखे उतना कम है इस लीये ये आर्टिकल हम यही पर समाप्त कर रहे है. हम जल्द ही अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया का दूसरा अध्याय आपके साथ शेयर करेंगे. 

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