मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है – पूरी जानकारी | Makar Sankranti Story In Hindi

Hello दोस्तों Speed India 24 आपका हार्दिक स्वागत करता है. मकर संक्रांति हमारे भारत का प्रमुख पर्व है यह जनवरी के 14 या 15 तारीख को मनाया जाता है. भारत के सभी राज्यों में इसे अलग-अलग रूप में मनाया जाता है. जेसे – तमिलनाडु में इसे पोंगल और कर्नाटक, केरल और आंध्रप्रदेश में इसे संक्रांति ही कहते है. मकर संक्रांति मनाने के पीछे कई कथाए प्रचलित है. लेकिन आज हम आपको उन कथाओ ले साथ-साथ विज्ञान के नजरिये से भी बतायेंगे की आखिर क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति ? आईये श्री गणेश करते है और जानते है “मकर सक्रांति मनाने के पीछे का कारण क्या है ? | Makar Sankranti Story In Hindi”….

इस पोस्ट में आपको क्या जानकारी प्राप्त होगी.

  • मकर संक्रांति क्यों मनाते है ?
  • मकर राशी से जुडी मान्यता क्या है ?
  • शनि देव से जुडी मान्यता क्या है ?
  • भीष्म पिताह से जुडी मान्यता कोनसी है ?
  • विज्ञान द्वारा मकर संक्रांति का महत्व क्या है ?
  • मकर सक्रांति को लोग किस-किस नामो से पुकारते है ?

मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है – पूरी जानकारी | Makar Sankranti Story In Hindi

Makar Sankranti Story Hindi
Makar Sankranti Story In Hindi

मकर सक्रांति को लेकर कई पोराणिक मान्यताए और कथाएँ प्रचलित है. हर जगह मकर सक्रांति को मनाने के पीछे अलग-अलग मान्यता है. कोनसी सही है या कोनसी सही नहीं ये कहना बहुत मुश्किल है. लेकिन हम आपको आज कुछ मान्यताओ के बारे में बता रहे है जो सिज्ञान भी मनाता है.


मकर राशी से जुडी मान्यता – जाने

यह त्यौहार जनवरी महीने की 14 या 15 तारीख को मानाया जाता है इसके पीछे का कारण यह है की जब सूर्य धनु राशी को छोड़कर मकर राशी में प्रवेश करता है. उसी दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है.


शनि देव से जुडी मान्यता – जाने

माना जाता है की इस दिन भगवान भास्कर अपने बेटे शनि देव से मिलने जाते है. क्योंकि शनि देव मकर राशी के स्वामी है. इस मान्यता के अनुसार इसीलिए मकरसक्रांति का पर्व मनाया जाता है.


भीष्म पिताह से जुडी मान्यता – जाने

माना जाता है इस दिन भीष्म पिताह ने महाभारत के युद्ध के दोरान मकर सक्रांति के दिन ही देह त्याग कर दिया था. इसीलिए मकरसक्रांति का पर्व सदियों से मनाया जा रहा है. यह पर्व लोग तिल और गुड का सेवन करकर मनाते है.


विज्ञान द्वारा मकर संक्रांति का महत्व – जाने 

मकर सक्रांति के दिन से पहले सूर्य प्रथ्वी के दक्षिणी भाग पर सीधे रोशनी की किरणें डालता है. जिसके कारण प्रथ्वी के उत्तरी भाग में राते बड़े और दिन छोटे होते है. इसके साथ ही वहा पर ठण्ड का मौसम भी रहता है. मकरसक्रांति के बाद सूर्य उत्तरी भाग की और बढ़ता रहता है. इसी दिन से यहाँ पर राते छोटी और दिन बड़े होने लग जाते है. हम सब जानते है की भारत प्रथ्वी के उत्तरी भाग में स्थित है इस लिए यह दिन भारत के लिए अहम माना जाता है. 


मकर सक्रांति को लोग किन-किन नामो से पुकारते है ?

1 : मकर संक्रान्ति, 2 : ताइ पोंगल, 3 : उझवर तिरुनल, 4 : उत्तरायण, 5 : माघी, 6 : भोगाली बिहु, 7 : शिशुर सेंक्रात, 8 : खिचड़ी, 9 : पौष संक्रान्ति,  10 : मकर संक्रमण !


Dear Readers :- उम्मीद है हमारे द्वारा दी गयी जानकारी “मकर संक्रांति क्यों मनायी जाती है,  Makar Sankranti Story In Hindi” आपको पसंद आई होंगी !

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