मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी | Mirza Ghalib Shayari In Hindi | गालिब की शेरो शायरी

Mirza Ghalib Shayari In Hindi : नमस्कार दोस्तों, स्पीड इंडिया 24 आपका हार्दिक करता है. आज हम आपके लिए “मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी | Mirza Ghalib Shayari In Hindi and Urdu | गालिब की शेरो शायरी For Whatsapp And Facebook and your Friends & Family And PDF File Download” की जानकारी लेकर आये है. उम्मीद है आपको महान शायर मिर्जा ग़ालिब की शेरो शायरी पसंद आयेगी.

मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी | Mirza Ghalib Shayari In Hindi and Urdu | गालिब की शेरो शायरी For Whatsapp And Facebook And PDF File Download

Mirza Ghalib Shayari In Hindi and Urdu

उम्र भर ग़ालिब ये ही भूल करता रहा…

धुल चेहरे पे थी और आइना साफ़ करता रहा…!


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जब लगा था “तीर” तब इतना दर्द न हुआ “ग़ालिब”

जख्म का एहसास तो तब हुआ जब “कमान”

देखी “अपनों” के हाथो में…!


⇒ Best Shayari of Mirza Ghalib In Hindi And Urdu

रहने दे मुझे इन अंधेरो में, ‘ग़ालिब’

कमबख्त रोशनी में ‘अपनों’ के असली चेहरे सामने आ जाते है !


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चांदनी रात के खामोश सितारों क कसम,

दिल में अब तेरे सिवा कोई भी आबाद नहीं !


⇒ Two Line Shayari of Ghalib In Hindi And Urdu

कुछ इस तरह मैने

जिंदगी को आंसा कर दिया

किसी से मांफी मांग ली

किसी को मांफ कर दिया !


⇒ Inspirational Shayari By Mirja Ghalib In Hindi And Urdu

मिर्जा ग़ालिब कहा करते है –

इंसान घर बदलता है,

लिबास बदलता है,

रिश्ते बदलता है,

दोस्त बदलता है,

फिर भी परेशान क्यों रहता है,

क्योंकि वो खुद को नहीं बदलता !


मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी | Mirza Ghalib Shayari In Hindi and Urdu 2 Lines  | गालिब की शेरो शायरी


ऐ बुरे वक्त, जरा अदब से पेशा आ,

क्योंकि वक्त नहीं लगता, वक्त बदलता में !


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इश्क ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया,

वरना आदमी तो हम भी थे काम के !


⇒ Mirza Ghalib Shayari In Hindi 2 Lines

हर एक बात पे कहते हो तुम की तू क्या है,

तुम्ही कहो की ये अंदाज-ए-गुफ्तगू क्या है !


⇒ Inspirational Shayari By Mirja Ghalib In Hindi And Urdu

हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पर दम निकले,

बहुत निकले मेरे अरमां लेकिन फिर भी कम निकले !


⇒ Two Line Shayari of Ghalib In Hindi And Urdu

मोहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का,

उसी को देखकर जीते हैं जिस काफिर पर दम निकले !


⇒ Best Shayari of Mirza Ghalib In Hindi And Urdu

अपनी गली में मुझ को न कर दफ़्न बाद-ए-क़त्

मेरे पते से ख़ल्क़ को क्यूँ तेरा घर मिले !


⇒ Ghalib Ki Shayari In Hindi And Urdu

दर्द जब दिल में हो तो दवा कीजिए,

दिल ही जब दर्द हो तो क्या कीजिए !


⇒ मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी

मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब
यह न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी बेवफा हो जाएगी !


⇒ गालिब की शेरो शायरी

इश्क पर ज़ोर नहीं है,

ये वो आतिश गालिब कि लगाए न लगे और बुझाए न बने !


⇒ Mirza Ghalib Shayari In Hindi and Urdu

खुदा के वास्ते पर्दा न रुख्सार से उठा ज़ालिम

कहीं ऐसा न हो जहाँ भी वही काफिर सनम निकले !


हम तो फना हो गए उसकी आंखे देखकर गालिब,

न जाने वो आइना कैसे देखते होंगे !


दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई

दोनों को एक अदा में रजामंद कर गई !


मारा ज़माने ने ‘ग़ालिब’ तुम को

वो वलवले कहाँ , वो जवानी किधर गई !


मिर्ज़ा ग़ालिब की शायरी | Mirza Ghalib Shayari In Hindi | गालिब की शेरो शायरी


दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है,

आखिर इस दर्द की दवा क्या है !


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