सोने का हार – एक प्रेरक कहानी | Best Inspirational Story In Hindi

Best Inspirational Story In Hindi : नमस्कार दोस्तों, स्पीड इंडिया 24 आपका हार्दिक स्वागत करता है. आज हम आपके लिए “प्रेरक कहानी : सोने का हार – एक प्रेरक कहानी | Best Inspirational Story In Hindi” की जानकारी लेकर आये है. दोस्तों वैसे तो हमारे जीवन में बीती हर बात एक कहानी बन कर रह जाती है. लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती है जो हमारे जीवन में बहुत अहम रोल अदा करती है. किसी भी इंसान के जीवन में बड़ा बदलाव लाने के लिए सिर्फ एक छोटा सा कथन ही काफी है. आज जो हम प्रेरक कहानी | Inspirational Story In Hindi आपके साथ शेयर कर रहे है. उसके पीछे हमारा मकसद भी यही है की आप इस कहानी से कुछ अच्छी सीख ले.

प्रेरक कहानी : सोने का हार – एक प्रेरक कहानी | Best Inspirational Story In Hindi

प्रेरक कहानी

प्रेरक कहानी – सोने का हार : एक समय की बात है. एक गाँव में एक जोहरी रहता था. लेकिन कुछ समय बाद ही उस जोहरी की आकस्मिक मृत्यु हो गयी. जोहरी की मृत्यु के बाद उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब होने लगी. आर्थिक स्थिति इतनी ख़राब हो गयी थी की 2 वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता था.

एक दिन उस जोहरी की पत्नी ने अपने बेटे को एक सोने का हार देते हुए कहा – बेटा इसे अपने चाचा की दुकान पर ले जाओ और चाचा से कहना की इसे बेचकर कुछ पैसे दे दे. लेकिन बेटे ने सोने का हार लेने से मना कर दिया, और बोला माँ ये तुम्हारी अमानत है, में इसे नहीं बेच सकता. हम पैसा का इंतजाम कही और से कर लेंगे. लेकिन माँ ने बेटे की एक ना सुनी और उसे अपने चाचा के पास जाने को कहा.

बेटा वह हार लेकर अपने चाचा जी के पास गया. और बोला चाचा ये सोने का हार बेचकर कुछ पैसे दे दो. चाचा ने उस सोने के हार को अच्छी तरह देखा और बोला बेटा माँ से कहना अभी बाजार में मंदी का माहोल है. अभी इसे बेचकर ज्यादा पैसे नहीं मिलेंगे. थोड़े समय बाद बेचना अच्छे दाम मिलेंगे.

चाचा ने उसकी हालत देखते हुए उसे थोड़े से रूपए दिये और बोला तुम ऐसा करना कल से दुकान पर आकर बेठना. वैसे भी मुझे एक भरोसेमंद आदमी की जरुरत है. अगले दिन से ही और लड़का दुकान पर जाने लगा. उसने सोने, चाँदी और हीरो का काम सीखना शुरू कर दिया.

कुछ समय बाद वो बहुत अच्छा पारखी (सोने चाँदी को परखने वाला) बन गया. आसपास के गाँव वाले भी उसके पास अपने सोने, चाँदी और हीरे की परख करवाने के लिए आने लगे. एक दिन चाचा ने उसे कहा बेटा अपने माँ से कहकर वो हार लेकर आना अभी बाजार बहुत तेज़ है. उस हार के बहुत अच्छे दाम मिल जायेंगे.

वह घर गया और माँ से हार लेकर उस हार को परखने लगा. परखने के बाद उसे पता चला की हार तो नकली है. अगले दिन वह हार को घर पर ही रखकर दुकान चला गया. दुकान जाते ही चाचा ने उससे उस हार का जिक्र किया.और कहा हार लेकर नहीं आये. उस लड़के ने कहा की वो हार तो नकली था.

तब चाचा ने कहा जब तुम पहली बार हार लेकर आये थे. तभी में उसे नकली बता देता तो तुम समझते की आज जब तुम पर बुरा वक्त आया तो चाचा हमारी चीजो को भी नकली बताने लगे. आज जब तुम्हे कूद ही सोने की अच्छी परख है तो तुम्हे पता चल गया की हार सचमुच नकली है.

सोने का हार | Inspirational Story In Hindi एक प्रेरक कहानी से हमें ये सीख मिलती है की हमारा जीवन बिना अच्छे ज्ञान के कुछ भी नहीं है. अच्छे ज्ञान के बिना हम जो कुछ भी सोचते है या जानते है वो सब कुछ गलत है. जब तक हमें किसी के बारे में अच्छा ज्ञान ना हो हमे बिना सोचे-समझे कोई फैसला नहीं करना चाहिये. धन्यवाद !


Dear Readers :- तो दोस्तों हमारे द्वारा शेयर की गयी “प्रेरक कहानी : सोने का हार – एक प्रेरक कहानी | Best Inspirational Story In Hindi” आपको कैसे लगी हमे कमेंट कर के जरुर बताए.

निवेदन :- यदि आपको ये प्रेरक कहानी | Inspirational Story In Hindi पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों और परिवार वालो के साथ शेयर जरुर करे.

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *