स्टीफन हॉकिंग का जीवन परिचय | Stephen Hawking Biography In Hindi

Hello दोस्तों Speed India 24 आपका हार्दिक स्वागत करता है. आज हम आपके लिए लाये है “स्टीफ़न हॉकिंग का प्रेरणादायक जीवन परिचय | Scientist Stephen Hawking Biography In Hindi” जिससे आपको अपने जीवन में काफी कुछ सिखने को मिलेगा. Scientist Stephen Hawking दुनिया के महान scientist में से एक है, जिन्होंने अपनी मौत  भी मात दे दी. अब आप सोच रहे होंगे की मौत को मात कैसे दी होगी. इस पोस्ट में हम आपको महान scientist stephen hawking का पूरा जीवन परिचय बतायेंगे. जिससे आप को महसूस होगा की अगर कोई इंसान कुछ करने का ठान ले तो क्या कुछ नहीं कर सकता. आईये श्री गणेश करते है Biography से जुडी हमारी इस पहली पोस्ट का.

Scientist Stephen Hawking Biography In Hindi

स्टीफन हॉकिंग का पूरा जीवन परिचय

Stephen Hawking Biography In Hindi
Stephen Hawking Biography In Hindi

नाम : स्टीफ़न विलियम हॉकिंग

जन्म : 8 जनवरी 1942

जन्म स्थान : ऑक्सफ़ोर्ड, इंग्लैंड

क्षेत्र : वैज्ञानिक (Scientist)

Scientist Stephen Hawking Biography In Hindi : मुझे मौत से डर नहीं लगता लेकिन मुझे मरने की भी कोई जल्दी नहीं है. क्योंकि मरने से पहले ज़िन्दगी में बहुत कुछ करना बाकी है. ऐसा कहना है महान और अद्भुत scientist stephen hawking का. जिनके शरीर का कोई भी अंग काम नहीं करता. वो चल नहीं सकते, वो बोल नहीं सकते और वो कुछ कर नहीं सकते. लेकिन फिर भी वो जीना चाहते है. Stephen का कहना है, क मृत्यु तो निश्चित है लेकिन जन्म और मृत्यु के बिच हम कैसे जीना चाहते है वो हम पर निर्भर करता है. चाहे ज़िन्दगी कितनी भी कठिन हो आप हमेशा कुछ न कुछ कर सकते है. और अपने जीवन को सफल बना सकते है.

Stephen का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड शहर में हुआ था. जब महान वैज्ञानिक स्टीफ़न विलियम हॉकिंग का जन्म हुआ तब द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था. स्टीफन होकिंग माता-पिता लन्दन के Highgate city रहते थे. जहा पर अक्सर गोला बारी होती रहती थी. इस कारण वो अपने बेटे जन्म के लिए oxford city चले आये. जहा पर सुरक्षित रूप से Stephen Hawking का जन्म हो सका.

बचपन  से हो Hawking बहुत Intelligent थे. Stephen Hawking के पिता एक Doctor और माता एक House wife थी. Stephen की बुद्धि का अनुमान तो इससे ही पता चलता है की बचपन में लोग उन्हें आइंस्टीन कह कर पुकारते थे. Stephen को गणित में बहुत ज्यादा दिलचस्पी थी. उन्होंने अपने बचपन के दिनों में ही पुराने इलेक्ट्रोनिक उपकरणों से घर में एक कंप्यूटर बना दिया था. केवल 17 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने oxford university में प्रवेश ले लिया. 

Oxford में पढ़ाई के दोरान उन्हें अपने दैनिक कार्य में कुछ परेशानी होने लगी. एक बार जब Stephen छुटिया मनाने अपने घर आये हुए थे तभी घर की सिडियो से उतरते वक्त वो बेहोश हो गए. शुरू में तो सभी ने इसे सिर्फ कमजोरी मान कर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. लेकिन धीरे-धीरे जब ये परेशानी ज्यादा होने लगी. इसके बाद जब उनकी जाचं हुई तो उसमे पता चला की उन्हें कभी ना ठीक होने वाली बीमारी है. इस बीमारी का नाम Neuron Motor Disease था.

Neuron Motor Disease क्या है ?

इस बीमारी में मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली सारी नशे धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती है. जिससे शरीर के अंग धीर-धीरे काम करना बंद कर देते है. इस बीमारी से व्यक्ति अपंग हो जाता है.

डॉक्टर्स का कहना था की stephen अब सिर्फ दो वर्ष और जिन्दा रह सकते है. क्योंकि अगले दो सालो में उनका पूरा शरीर धीरे-धीरे काम करना बंद कर देगा. stephen को भी इस बात से बड़ा सदमा लगा. लेकिन उन्होंने कहा की में ऐसे नहीं मर सकता. मेरे जीवन में बहुत कुछ करना तो अभी बाकी है. 

Stephen ने अपनी इस बीमारी को भुला कर अपने वैज्ञानिक जीवनके सफर को शुरू किया. और अपने आप को पूरी तरह से विज्ञान को समर्पित कर दिया. उनके इस जज्बे के कारण धीरे-धीरे उनका नाम पूरी दुनिया में फैलने लग गया. क्योंकि उन्होंने अपनी इस बीमारी को एक वरदान के रूप में समझ लिया था. लेकिन दूसरी तरह धीरे-धीरे उनका शरीर भी उनका साथ झोड़ता चला जा रहा था.

बीमारी बढ़ने पर उन्हें wheelchair का सहारा लेना पड़ गया. उनकी यह chair एक स्मार्ट chair थी जो एक कंप्यूटर की तरह बनी है. जो उनके सिर, उनके हाथो और उनकी आँखों के कंपन से ये बता देती है की वो क्या बोलना चाहते है. कुछ सालो में धीरे-धीरे stephen के पुरे शरीर ने काम करना बंद कर दिया था. लेकिन इस बीमारी ने उन्हें सिर्फ शारीरिक तोर पर ही अपंग बनाया था ना की मानसिक रूप से. उनके बाद लोग युही देखते चले गए और अविष्कार पर अविष्कार करते चले गए.

Stephen hawking ने ब्लैकहोल का कोंसेप्ट और hawking रेडिएशन का महान विचार दुनिया को दिया. उन्होंने अपने विचारो को सरल भाषा में समझाने के लिए एक किताब भी लिखी जिसका नाम था – Stephen Hawking : A Brief History Of Time था. इस किताब ने दुनिया भर के विज्ञान जगत में तहलका मचा दिया. दोस्तों Stephen Hawing एक ऐसा नाम है जिसने शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद दुनिया का एक अनूठा वैज्ञानिक बनकर दिखाया. Stephen दुनिया के महान और अद्भुत लोगो में शामिल है.

एक समय डॉक्टर सिर्फ 2 साल जिंदा रहने की बात कर रहे थे और यहाँ सालो निकल चुके है. लेकिन stephen hawking आज भी जिंदा है. ऐसा लग रहा था उन्होंने मौत को भी मात दे दी हो. ये हर उस इंसान के लिए प्रेरणा बन गए है जो शारीरिक रूप से बिल्कुल स्वस्थ होने के बावजूद अपनी ज़िन्दगी में हार मान चुके है. 

“दोस्तों इंसान इस दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है. किसी महान पुरुष ने कहा है की आप अपनी ज़िन्दगी में सब कुछ पा सकते है. बस इंतज़ार है आपकी कोशिश का…” 


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